11th May 2020 Current Affairs

1. वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद-सीएसआईआर को कोविड-19 के उपचार के लिए दो दवाओं के नैदानिक परीक्षण की अनुमति मिल गई है। भारतीय औषध महानियंत्रक ने फाइटोफार्मास्युटिकल और फेविपिराविर नामक दो औषधियों के परीक्षण की मंजूरी दी है। यह परीक्षण एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। सीएसआईआर कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण के लिए फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ पहले से ही काम कर रही है। फेविपिराविर इन्फ्लुएंजारोधी दवा है जिसका उपयोग जापान, चीन और अन्य देशों में होता रहा है जबकि फाइटोफार्मास्युटिकल पौधे के सत्व से तैयार एक जड़ी-बूटी औषधि है।

2. विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन और संयुक्त राष्ट्र की डाक एजेंसी ने चेचक के उन्मूलन की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज एक स्मारक डाक टिकट जारी किया है। वैश्विक स्वास्थ्य संस्था के प्रमुख ने इसके लिए संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मूल के एक शीर्ष अधिकारी अतुल खरे का आभार व्यक्त किया जिनके प्रयासों से स्‍मारक टिकट जारी हो पाया है। मई 1980 में, 33वीं विश्व स्वास्थ्य सभा ने अपनी आधिकारिक घोषणा जारी कर कहा था कि विश्‍व के सभी लोगों ने चेचक से मुक्ति पा ली है।

3. संयुक्त राष्ट्र और उसकी साझेदार एजेंसियों ने COVID-19 के खिलाफ लड़ने के लिए 6.7 बिलियन डालर की वैश्विक अपील शुरू की है। प्रारंभ में, संगठन ने COVID-19 के खिलाफ लड़ने के लिए कमजोर देशों को 2 बिलियन अमरीकी डालर प्रदान करने का संकल्प लिया था। हालांकि, अब यह राशि बढ़कर 6.7 बिलियन डॉलर हो गई है। इस योजना को “वैश्विक मानवीय प्रतिक्रिया योजना” नाम दिया गया है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार कोरोना वायरस ने दुनिया के हर देश को प्रभावित किया है। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित सबसे गरीब देश होंगे। इस वायरस का सबसे खराब और विनाशकारी प्रभाव सबसे गरीब देशों पर पड़ेगा। इसलिए, इन देशों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। अब तक जुटाई गई धनराशि ब्रिटेन, जर्मनी, यूरोपीय आयोग, जापान, फारस की खाड़ी के देशों और कनाडा जैसे देशों से प्राप्त की गयी है।

4. तमिलनाडु में त्रिची के राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (एन.आई.टी.) ने कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को संक्रमण से बचाने के लिए मेडिकल सेफ्टी किट का विकास किया है। प्रत्‍येक मेडिकल किट में तमिल नाडु के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की सिफारिश के अनुसार शरीर की रोग-प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने वाले मल्‍टी विटामिन सप्‍लीमेंट तथा जि़ंक और विटामिन सी की गोलियां भी शामिल हैं। किट में जीवन रक्षक घोल (ओ.आर.एस.) के पैकेट भी हैं जिनका उपयोग गरमी वाले माहौल में काम करने पर शरीर में पानी की कमी होने की स्थिति में किया जा सकता है। किट में मुंह पर बांधने के लिए सूती कपड़े का रूमाल भी शामिल है।

5. मूडीज ने चालू वित्त वर्ष यानि साल 2020–21 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की ग्रोथ को अपने पिछले अनुमान 2.6% से घटाकर शून्य कर दिया। साथ ही, वित्त वर्ष 2021–22 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर उभकर 6.6% तक वापस होने का अनुमान भी जारी किया है। COVID-19 से प्रभावित होने कारण नकारात्मक दृष्टिकोण जोखिम में वृद्धि को दर्शाता है कि आर्थिक विकास पहले की तुलना में काफी कम रहने की संभावना है। राजकोषीय मेट्रिक्स के कमजोर पड़ने से मंदी आने की संभावना है, जिससे भारत में निवेश प्रवाह प्रभावित होगा।

6. कोल इंडिया ने रूसी सुदूर पूर्व और शेष आर्कटिक क्षेत्र में कोकिंग कोल के क्षेत्रों के लिए दो रूसी संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। पहला एमओयू, रूस की फार ईस्टर्न एजेंसी फॉर अटरेक्टिंग इन्वेस्टमेंट्स एंड सपोर्टिंग एक्सपोर्ट्स (FEAAISE), संस्था के साथ हस्ताक्षरित किया गया, जबकि दूसरा एमओयू रूस के फेडरेशन की ईस्टर्न माइनिंग कंपनी (FEMC) के साथ रूसी सुदूर पूर्व खनन क्षेत्र में परस्पर-निर्भर निवेश के अवसरों की खोज, पहचान, स्रोत, बातचीत और उपभोग के लिए हस्ताक्षर किया गया। कोकिंग कोल को धातु शोधन कोयला के रूप में भी जाना जाता है। इसका प्रयोग कोक बनाने के लिये किया जाता है जो स्टील के उत्पादन में किया जाता है।

7. सुंदरबन डेल्टा, जो भारत और बांग्लादेश में फैला हुआ है, विश्व में बाघों का एकमात्र मैंग्रोव वन निवास हैं। पश्चिम बंगाल वन विभाग के नवीनतम अनुमान के अनुसार, बाघों की संख्या 2019–20 में 88 से बढ़कर 96 हो गई है। सुंदरबन एक विश्व धरोहर स्थल और रामसर स्थल है। 2017–18 में, सुंदरबन में रॉयल बंगाल टाइगर्स की कुल संख्या 87 थी। 2018–19 की जनगणना में यह बढ़कर 88 हो गई। संख्या 96 तक पहुंचने के साथ, एक बड़ी छलांग लग गई है। वन विभाग के वीडियो फुटेज के अनुसार बाघ स्वस्थ हैं। 4,200 वर्ग किलोमीटर में कैमरे लगाए गए हैं। इसमें से 3,700 वर्ग किलोमीटर को बाघ क्षेत्र कहा जाता है। IUCN के तहत, रॉयल बंगाल टाइगर्स को लुप्तप्राय प्रजातियों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

8. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविड-19 रोगियों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी देने के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार बहुत हल्के, हल्के और मामूली लक्षण वाले रोगियों को उनके स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार बिना कोविड परीक्षण के छुट्टी दे दी जाएगी। कोविड देखभाल केंद्र में भर्ती कराए गए बहुत हल्के, हल्के और पूर्व लक्ष्ण वाले लोगों के तापमान और रक्त में ऑक्सीजन अवशोषण पर नियमित नजर रखी जाएगी। लक्षण उभरने के 10 दिन बाद और तीन दिन से बुखार नहीं रहने पर रोगी को डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। डिस्चार्ज करने से पहले इनके परीक्षण की जरूरत नहीं होगी। ऐसे रोगियों को अगले सात दिन तक घर में अलग रहने की सलाह दी जाएगी। अगर बुखार, खांसी या सांस लेने में फिर कठिनाई होती है तो उन्हें कोविड देखभाल केंद्र या राज्य हेल्पलाइन नम्बर या 1075 पर संपर्क करना होगा। संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार मध्यम लक्षण वाले रोगियों के तापमान और ऑक्सीजन अवशोषण क्षमता पर नजर रखी जाएगी। अगर बुखार तीन दिन में ठीक हो जाता है और अगले चार दिन तक रोगी में ऑक्सीजन अवशोषण स्‍तर 95 प्रतिशत से अधिक बना रहता है तो रोगी को लक्षण उभरने के दस दिन बाद छुट्टी दे दी जाएगी। ऑक्सीजन पर रखे गए जिन रोगियों का बुखार तीन दिन में नहीं उतरता है और कृत्रिम सांस की जरूरत बनी रहती है उन्हें रोग के लक्षण पूरी तरह समाप्त होने और लगातार तीन दिन तक स्वाभाविक ऑक्सीजन अवशोषण क्षमता बने रहने पर डिस्चार्ज किया जाएगा। गंभीर रोगियों को उनके पूरी तरह स्वस्थ होने और आरटी-पीसीआर परीक्षण के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी।

9. स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 राज्यों में केंद्रीय टीमों को तैनात करने का फैसला लिया है। ये टीम उन राज्यों में जाएंगी जहां ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। ये टीम राज्यों का स्वास्थ्य विभाग की सहायता के लिए होंगी। ये वहां कोरोना की रोकथाम में मदद करेंगी। इस टीम में संयुक्त सचिव सचिव लेवल के अधिकारी और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट शामिल होंगे। ये टीम संबंधित राज्यों के जिलों / शहरों में प्रभावित क्षेत्रों में रोकथाम के उपायों के कार्यान्वयन में राज्य के स्वास्थ्य विभाग का समर्थन करेगी। टीमों को गुजरात, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना राज्यों में भेजा जा रहा है।

10. केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान ने घोषणा की कि NAFED (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) तीन महीने के लिए 19.5 करोड़ से अधिक घरों में तीन महीने के लिए मुफ्त दाल उपलब्ध करवाएगा है। एक तरफ, भारत सरकार पूर्ण पैमाने पर खरीद प्रक्रिया पर कार्य कर रही है और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत खाद्यान्न वितरित किया जा रहा है। एफसीआई (भारतीय खाद्य निगम) और नैफेड (नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड) द्वारा खरीद की जा रही है। इस वर्ष, भारतीय खाद्य निगम ने 73.95 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न लोड किया है। इसमें 55.38 लाख टन चावल और 18.57 लाख टन गेहूं शामिल है।

11. झारखंड सरकार ने राज्य में पान मसाला के 11 ब्रांडों पर एक साल का प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इस आदेश को राज्य में खाद्य सुरक्षा आयुक्त नितिन कुलकर्णी द्वारा पारित किया गया । राज्य सरकार ने वर्ष 2019–20 के दौरान परीक्षण और विश्लेषण करने के लिए विभिन्न जिलों के विभिन्न ब्रांडों से संबंधित पान मसाला के 41 नमूने एकत्र किए थे। इकठ्ठा किए गए सभी नमूनों में एक घटक के रूप में मैग्नीशियम कार्बोनेट शामिल पाया गया। यह नमूने खाद्य, सुरक्षा मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत एकत्र किए गए थे। यह निर्णय खाद्य, सुरक्षा मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 (2) (a) के तहत लिया गया है, जिसमे एक वर्ष के लिए राज्य में किसी भी खाद्य पदार्थ के बनाने, भंडारण, वितरण या बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है।

12. महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार से राज्य में फंसे लोगों की मदद के लिए राज्य के अंदर मुफ्त बस सेवा की शुरुआत करने का फैसला किया है। ये बसें राज्य के अंदर ही अन्य जिलों में फंसे लोगों को उनके गृह जिले तक लेकर जाएंगी। बस उन यात्रियों को लेकर जाएंगी जो किसी अन्य शहर में अनजाने में फंस गए हैं और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। इन लोगों को इस यात्रा के लिए संबंधित नोडल अधिकारी (डिप्टी कमिश्नर) से इसकी अनुमति लेनी होगी।

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