भारत देश में दूरसंचार सेवा का प्रारंभ

  Blog, General Knowledge, UPSC

भारत में टेलीफोन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। आज देश में सभी टेलीफोन एक्सचेंज इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल एक्सचेंज हैं। भारतीय दूरसंचार नेटवर्क एशिया में सबसे बड़ा है। सेल्युलर सेवाओं के प्रचलन से फिक्स्ड लाइन टेलीफोनों की उपयोगिता काफी घट गई हैं। सेल्युलर टेलीफोनी के क्षेत्र में निजी क्षेत्र ने अधिकतम योगदान दिया है। देश में 800 मिलियन से अधिक सेलफोन उपयोगकर्ता हैं। पूरी तरह से स्वचालित अंतर्राष्ट्रीय सब्सक्राइबर डायलिंग (ISD) सेवा लगभग सभी देशों के लिए उपलब्ध है। आज देश के 4.8 लाख से अधिक गांवों में टेलीफोन की सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने 1999 में नई दूरसंचार नीति तैयार की थी। दूरसंचार और मल्टीमीडिया सुविधाओं को बढ़ावा देने और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए सरकार ने एक स्वायत्त आयोग की स्थापना के लिए संचार अभिसरण विधेयक (Communications Convergence Bill), पारित किया है।

दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की सिफारिशों पर आधारित सरकार ने नये सेवा ऑपरेटरों को प्रविष्टि के लिए सरकार ने लाइसेंस की अनुमति दी है।

इंटरनेट सेवाओं में निजी भागीदारी को नवंबर 1998 में खोला गया था। इसके अंतर्गत कोई भी पंजीकृत भारतीय कंपनी इंटरनेट सेवाएं प्रदान करने के लिए लाइसेंस और 100 प्रतिशत तक की विदेशी इक्विटी का प्रावधान हैं। आज देश की 29 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या इंटरनेट सेवाओं का प्रयोग कर रही है। बीएसएनएल और एमटीएनएल देश में दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने वाली

सबसे बड़े निगम हैं।

बीएसएनएल दिल्ली और मुम्बई को छोड़कर पूरे देश में सभी प्रकार की दूरसंचार सेवाएं प्रदान करती है। एमटीएनएल की स्थापना अप्रैल 1986 में सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में दिल्ली एवं मुम्बई में संचार सेवाएं प्रदान करने के लिए की गई थी। बीएसएनएल तथा एमटीएनएल सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों के रूप में सेलुलर सेवाएं भी प्रदान करते हैं।

 197 total views,  6 views today

LEAVE A COMMENT